![]() |
| बांधे हुए दस्तार आया कर्बला में |
बांधे हुए दस्तार आया कर्बो बला में
जन्नत का सरदार आया कर्बो बला में।
मौला अली की आंखों का तारा ज़हरा का वो राज दुलारा
अपना लिए घर बार आया कर्बो बला में।
सर्बो रज़ा का जाम पिलाया बातिल की बुनियाद हिलाया
एक ऐसा बीमार आया कर्बो बला में।
सोंचो कैसा होगा तेवर कांप गया लाखों का लश्कर
अकबर जब तैयार आया कर्बो बला में।
इब्ने अली ने हर रहज़न का काट दिया सर हर दुश्मन का
सामने जो एक बार आया कर्बो बला में।
तीर से अपनी प्यास बुझा कर एक अकेला नन्हा असग़र
लाखों को ललकार आया कर्बो बला में।
Share This :


0 comments